वो दिन आजादी का,....
वो भी कया दिन होगा , काली लंबी रात के बाद जब नया सवेरा हुअ होगा....
यशस्वी सूर्य अंबऱ चढा होगा
वीर सपूतों को तिलक लगाता
कितना अभीमानी हुआ. होगा....
वीर बालक ,बलिकाओ ने..
सपना नये भारत का सजाया होगा....
कया जमीं कया आसमाँ , मुकम्मल जहाँ
फतह करने का संकल्प उठाया होगा...
धरा की खुशबू समेटे,
तिरंगा आसमानी हुआ होगा....
आगाज एक नये भारत की,
कहानी का हुआ होगा....
वो भी कया दिन होगा,
काली लंबी रात के बाद, जब नया
सवेरा हुआ होगा...
Written by.
नूर सबा
Happy independence day
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